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173. फसल काटती लड़की का गीत
आज विलियम वर्ड्सवर्थ की एक प्रसिद्ध कविता का सहज अनुवाद, हिंदी में प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहा हूँ। यह अत्यंत प्रसिद्ध रचना है, संभव है इस अनुवाद में कोई कमी रह गई हो, क्योंकि कविता के अर्थ-विस्तार को समझना और फिर उसे पुनः सृजित करना उतना आसान तो नहीं होता, कोई कमी रह गई…
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172. आईना मुझसे मेरी पहली सी सूरत मांगे!
सूरज सनीम जी का लिखा एक गीत शेयर कर रहा हूँ जिसे ज़नाब तलत अजीज़ ने फिल्म- डैडी के लिए गाया है और यह गीत अनुपम खेर जी पर बड़ी सुंदरता से और खूबसूरत संदर्भ में फिल्माया गया है। कुल मिलाकर बात इतनी है कि हम ज़िंदगी में जो पाना चाहते हैं, उसे पाने के…
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41. मधु का सागर लहराता था…!
यादों के समुंदर से एक और मोती, लीजिए प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग! मैंने कितनी नौकरियों और अलग-अलग स्थानों पर तैनाती के बहाने से अपनी राम-कहानी कही है, याद नहीं। लेकिन आज दो नौकरियों की याद आ रही है, जिनका ज़िक्र नहीं हुआ। जाहिर है ये काम मैंने शुरू के समय में, बेरोज़गार रहते…
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Wander Thirst by Gerald Gould- Poem translation!
भ्रमण, यायावरी और यदि धार्मिक उद्देश्य जोड़ दें तो यह पवित्र होकर तीर्थ यात्रा बन जाता है। जी हाँ, आज गेराल्ड गॉल्ड की अंग्रेजी कविता याद आ रही है, जो मुझे बचपन से ही बहुत प्रिय रही है। आज मैं यहाँ उसका यथासंभव हिंदी अनुवाद प्रस्तुत करने का भी प्रयास कर रहा हूँ- भ्रमण पिपासा…
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171. भ्रमण पिपासा
भ्रमण, यायावरी और यदि धार्मिक उद्देश्य जोड़ दें तो यह पवित्र होकर तीर्थ यात्रा बन जाता है। जी हाँ, आज गेराल्ड गॉल्ड की अंग्रेजी कविता याद आ रही है, जो मुझे बचपन से ही बहुत प्रिय रही है। आज मैं यहाँ उसका यथासंभव हिंदी अनुवाद प्रस्तुत करने का भी प्रयास कर रहा हूँ- भ्रमण पिपासा…
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171. Translation of Poem by Gerald Gould
भ्रमण, यायावरी और यदि धार्मिक उद्देश्य जोड़ दें तो यह पवित्र होकर तीर्थ यात्रा बन जाता है। जी हाँ, आज गेराल्ड गॉल्ड की अंग्रेजी कविता याद आ रही है, जो मुझे बचपन से ही बहुत प्रिय रही है। आज मैं यहाँ उसका यथासंभव हिंदी अनुवाद प्रस्तुत करने का भी प्रयास कर रहा हूँ- भ्रमण पिपासा…
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40. मालूम क्या किसी को, दर्द-ए-निहां हमारा!
यादों के समुंदर में एक और डुबकी , लीजिए प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग! पता नहीं क्या सोचकर यह ब्लॉग लिखने की शुरुआत की थी। और इसको शेयर करता हूँ ट्विटर पर, फेसबुक पर! जैसे गब्बर सिंह ने सवाल पूछा था, क्या सोचा था सरदार बहुत खुश होगा, शाबाशी देगा! यहाँ पर सरदार कौन…
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170. जब इश्क़ तुम्हें हो जाएगा!
आज सईद राही जी की लिखी गज़ल याद आ रही है, जिसे जगजीत सिंह और चित्रा सिंह ने गाकर एक नया आयाम प्रदान कर दिया। इस गज़ल में कुल मिलाकर प्रेम की, इश्क़ की ताक़त, उसके जुनून के बारे में बताया गया है। वास्तव में जब कोई इंसान प्रेम में डूब जाता है, वैसे यहाँ…
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39. पर दिलों पर हुक़ूमत हमारी रही!
चलिए आज फिर से यादों की पुरानी संदूकची खोलते हैं, लीजिए प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग! लगभग ढाई वर्ष के लखनऊ प्रवास और सात वर्ष के ऊंचाहार प्रवास की कुछ छिटपुट घटनाएं याद करने का प्रयास करता हूँ। एक घटना जो याद आ रही है, वह है लखनऊ के पिकप प्रेक्षागृह में आयोजित कवि…
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38. यह पूजन अपनी संस्कृति का, ये अर्चन अपनी भाषा का।
पुरानी स्मृतियां खंगालने के क्रम में, लीजिए प्रस्तुत है एक और पुराना ब्लॉग! अभी तक मैं वर्षों के हिसाब से बात कर रहा था, जो घटना पहली हुई वह पहले और जो बाद में हुई वह बाद में। पिछले ब्लॉग में, मैं काफी पीछे चला गया था। वैसे मैंने लखनऊ पहुंचने तक की बात की…