Category: Uncategorized
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हाथ खाली हैं मगर…!
आज फिर से एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट शेयर कर रहा हूँ- बचपन में चंदामामा पत्रिका में विक्रम और वैताल की कहानियां पढ़ा करता था, जिनकी शुरुआत इस प्रकार होती थी- ‘विक्रमादित्य ने जिद नहीं छोड़ी’ और फिर अपनी ज़िद के कारण जब वह वैताल को लादकर चलता है, तब वैताल उसे कहानी सुनाता है और…
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RD’S STRENGTH – TRAINING & TRANSFORMATION STUDIO
Today I am covering an event of inauguration of RD’s Strength – Training & Transformation Studio launched by Rinzing Denzongpa, Tiger Shroff, Disha Patani & Aayush Sharma, Owned by Ramee Group of Hotels. Address- Ramee Guestline Hotel Juhu, 62, AB Nair Rd, Juhu, Mumbai, 400049 Timing: Monday-Saturday – 6:00 am- 11:00 pm. Sunday: 8:00 am-…
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ऐसे ही मैं सिमटा- सिहरा, बिखरा तेरे वक्षस्थल में!
आज एक बार फिर से मेरे प्रिय कवियों में से एक, स्वर्गीय भारत भूषण जी का एक मधुर गीत शेयर कर रहा हूँ। श्री भारत भूषण जी बड़ी नाज़ुक भावनाओं को बड़ी खूबसूरती से अभिव्यक्त करने में माहिर थे और अपने समय में कवि सम्मेलनों की शान हुआ करते थे। लीजिए प्रस्तुत हैं स्व. भारत…
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अंत- रवींद्रनाथ ठाकुर
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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धूल हूँ मैं तू पवन बसंती!
आज काफी लंबे अंतराल के बाद मैं अपने प्रिय गायक मुकेश जी के गाए एक गीत के बोल शेयर कर रहा हूँ। इस गीत को जीतेंद्र जी पर फिल्माया गया है। जीतेंद्र जी के लिए भी मुकेश जी ने बहुत से हिट गीत गाये हैं। 1969 में रिलीज़ हुई फिल्म- ‘धरती कहे पुकार के’ के…
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सोशल मीडिया- डेड प्रोफाइल्स!
अभी मैंने नए वर्ष के अवसर पर एक समस्या का उल्लेख किया था, मुझे लगता है कि इस विषय पर अलग से आलेख लिखकर सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म्स को चलाने वाले प्रमुख दलों का ध्यान इस ओर दिलाए जाने की आवश्यकता है। हाँ तो जिस समस्या की ओर मैंने संकेत किया था वह…
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प्रारंभ- रवींद्रनाथ ठाकुर
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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ट्वेंटी-ट्वेंटी (2020) की शुरूआत!
लो जी नया साल शुरू हो गया। ऐसे मौकों के लिए लोग अपनी पोस्ट तैयार रखते हैं, जिससे घड़ी का कांटा सही जगह पहुंचते ही तुरंत ‘चेप’ दें। लेकिन मैं थोड़ा सुस्त बंदा हूँ। वैसे इस साल का शीर्षक भी जोरदार है ‘ट्वेंटी-ट्वेंटी’, जैसे 20-20 का क्रिकेट मैच रोमांचक और उत्साह से भरा…
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श्रीकृष्ण शर्मा ‘अशेष’ की रचनायें-21 / भाषा की डुगडुगी बजाते हैं!
मेरी उपलब्ध रचनाएं यहाँ शेयर करने का आज इक्कीसवां और फिलहाल अंतिम दिन है, इस प्रकार जहाँ इन सबको, जितनी उपलब्ध थीं, एक साथ शेयर करने की कोशिश की है, जिससे यदि कभी कोई संकलनकर्ता इनको ऑनलाइन संकलन में शामिल करना चाहे तो कर ले। जैसा मैंने पहले भी बताया है, हमेशा ‘श्रीकृष्ण शर्मा’ नाम…