Category: Uncategorized
-
Recreate: Going deep through music
Ever listened to a musician a Sitar maestro may be in complete silence, the imaginations he has in his mind he recreates through the strings which he touches with his creative alertness he goes deep in the waves he creates and the audience awakens after going deep there everybody finding something he or she had…
-
77. शैतान की फसल
एक समस्या जिससे हमारा देश बहुत लंबे समय से जूझ रहा है और आज वह विश्वव्यापी समस्या बन गई है, वह है आतंकवाद की समस्या। आज पूरी दुनिया के देश तरक्की करने के रास्ते खोज रहे हैं, एक स्वस्थ प्रतियोगिता हो रही है दुनिया के देशों के बीच में, वहाँ की शासन व्यवस्था चाहे किसी…
-
Journey called life
When we talk about life, may be we can put forward our experiences with several adjectives, kinds of impressions, we are happy at times when we achieve desired results, we also get depressed, demotivated at times when our sincere efforts do not yield desired results. Whatever may be the case, one thing we can all…
-
76. प्रद्युम्न के बहाने
कुछ मामलों पर चर्चा करने की एकाएक हिम्मत नहीं होती। सात वर्ष का बच्चा प्रद्युम्न, एक प्रतिष्ठित स्कूल का नन्हा छात्र, सुबह उसके पिता उसको स्कूल छोड़कर आए और कुछ देर में ही खबर मिली कि उसकी हत्या हो गई। हत्या हुई एक प्रतिष्ठित स्कूल के बाथरूम में, सुबह स्कूल पहुंचते ही, हत्या का इल्ज़ाम…
-
75.जो हुआ ही नहीं अखबार में आ जाएगा!
ज़नाब राहत इंदौरी का एक शेर याद आ रहा है जो उन्होंने कुछ समय पहले ‘द कपिल शर्मा शो’ में पढ़ा था- बनके इक हादसा, किरदार में आ जाएगा जो हुआ ही नहीं, अखबार में आ जाएगा। अब खबरों की दुनिया की क्या बात करें। आज बड़े-बड़े चैनलों पर जो पत्रकार, एंकर काम कर रहे…
-
74. बोल मेरी मछली कितना पानी!
बरसात का मौसम अपने हिस्से की तबाही मचाकर जाने वाला है, अब गरीबों को सर्दी का सामना करना होगा। क्योंकि हर मौसम की मार, गरीबों को ही तो वास्तव में सहनी पड़ती है। अमीर अथवा मध्यम वर्ग तो अपने परिधानों अथवा अनुकूलन की सुविधाओं से अपने को बचा लेते हैं, वो रूम हीटर हों अथवा…
-
73. चंचल, शीतल, निर्मल, कोमल संगीत की देवी स्वर-सजनी!
ज़िंदगी सिर्फ मोहब्बत नहीं कुछ और भी है, ज़ुल्फ-ओ-रुखसार की जन्नत नहीं कुछ और भी है, भूख और प्यास की मारी हुई इस दुनिया में इश्क़ ही एक हक़ीकत नहीं, कुछ और भी है। तुम अगर नाज़ उठाओ तो, ये हक़ है तुमको मैंने तुमसे ही नहीं, सबसे मोहब्बत की है। आज हक़ीकत और कल्पना…
-
72. सोच समझ वालों को थोड़ी नादानी दे मौला!
इंटरनेट पर ज्ञान देने वाले तो भरे पड़े हैं, मैं तो अज्ञान का ही पक्षधर हूँ। जो व्यक्ति आज भी दिमाग के स्थान पर दिल पर अधिकतम भरोसा करते हैं, उनमें कवि-शायर काफी बड़ी संख्या में आते हैं। वहाँ भी सभी ऐसे हों, ऐसा नहीं है। आज मन हो रहा है निदा फाज़ली साहब की…
-
Daily Prompt: Educate- Keep learning
we all need education and our being educated must reflect in our behavior . When we talk about education, we mostly mean formal education, which starts with the play schools now a days for children and can continue as long as a person wants to learn more skills or virtues, as a part of formal…
-
71. इतना तो मेरे यार करो मैं नशे में हूँ!
जगजीत सिंह जी की गाई, शायर शहीद कबीर की इस गज़ल के बहाने आज बात शुरू करेंगे- ठुकराओ अब कि प्यार करो, मैं नशे में हूँ जो चाहो मेरे यार करो, मैं नशे में हूँ। गिरने दो तुम मुझे, मेरा सागर संभाल लो, इतना तो मेरे यार करो, मैं नशे में हूँ। अब भी दिला…