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यारों को सुनाता क्या है!
मेरी रुसवाई में तू भी है बराबर का शरीक़,मेरे किस्से मेरे यारों को सुनाता क्या है|
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वह मातृभूमि मेरी
आज फिर से मैं भारतीय स्वाधीनता संग्राम के अभियान को अपने स्वर प्रदान करने वाले महान कवि , गांधी जी के लिए ‘चल पड़े जिधर दो डग मग में’, ‘वंदना के इन स्वरों में एक स्वर मेरा मिला लो आदि अनेक प्रेरक रचना करने वाले स्वर्गीय सोहन लाल द्विवेदी जी की एक और, भारतवर्ष का…
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समय की शिला पर मधुर चित्र कितने!
आज हिन्दी के प्रतिष्ठित कवि और नवगीत आंदोलन के प्रणेता स्वर्गीय शंभुनाथ सिंह जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| इत्तेफाक से मैं कभी उनके कभी दर्शन नहीं कर पाया लेकिन किसी रचनाकार से असली जुड़ाव तो उसकी रचनाओं के माध्यम से ही होता है| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय शंभुनाथ सिंह जी का…