Category: Uncategorized
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226. टीवीएस जुपिटर- वृहस्पति यान!
टीवीएस जुपिटर के एक विज्ञापन में सदी के महानायक अमिताभ बच्चन, घर मे टीवीएस जुपिटर आने पर गुरू अर्थात वृहस्पति के आने की बात कहते हैं क्योंकि जुपिटर का वही अर्थ है, और इस प्रकार हम इसे वृहस्पति यान भी कह सकते हैं। और हम कुछ लोग गए बंगलोर के पास टीवीएस फैक्ट्री में,…
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226. अ. टीवीएस जुपिटर- वृहस्पति यान-1 !
हम ब्लॉगर साथियों की टीवीएस फैकट्री यात्रा से संबंधित कुछ और चित्र शेयर कर रहा हूँ- इसमें टेस्ट राइड ट्रैक और प्रतिभागियों, अतिथि ब्लॉगर्स और टीवीएस फैक्ट्री के अधिकारियों के चित्र हैं। टेस्ट राइड अतिथि ब्लॉगर, टीवीएस फैक्ट्री के अधिकारियों के साथ टेस्ट राइड से पहले बस में फैक्ट्री आते हुए। कुल मिलाकर…
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क्षमा याचना
तीन दिन के लिए बंगलौर में हूँ, इसलिए कोई पोस्ट देख अथवा लिख नहीं पा रहा हूँ, कल या परसों से ये सब काम करूंगा!
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225. ‘गो’ फिर ‘आ’- गोआ!
एक महीने के प्रवास के बाद लंदन से लौटकर गोआ आ गए। जेटलेग का प्रभाव भी समाप्त हो रहा है, वैसे मुझे लगता है कि ऐसे स्थान पर, इतना लंबा समय रहकर आओ तो जेटलेग शरीर से ज्यादा मन पर होता है। एक दूसरी ही दुनिया है लंदन या कहें कि ब्रिटेन, पता ही नहीं…
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94. मैं अपने साये से कल रात डर गया यारो!
एक बार फिर से पुरानी ब्लॉग पोस्ट, बस शीर्षक लाइन बदल दी है- आज शहरयार जी की एक गज़ल के बहाने आज के हालात पर चर्चा कर लेते हैं। इससे पहले दुश्यंत जी के एक शेर को एक बार फिर याद कर लेता हूँ- इस शहर में वो कोई बारात हो या वारदात अब किसी…
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93. मेरी बेबाक तबीयत का तकाज़ा है कुछ और!
लीजिए जी लंदन आउट, गोआ इन, हाँ जी मैं लौटकर गोआ वापस आ गया हूँ, क्योंकि बुद्धू हो या होशियार सबको लौटकर वापस आना पड़ता है। इस बारे में वैसे बेहतर कथन यह है- ‘जैसे उड़ि जहाज का पंछी, पुनि जहाज पर आवे’! हाँ तो, आज के लिए फिर से आसान वाला रास्ता चुन रहा…
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224. लंदन छूटा जाय!
एक महीने के प्रवास के बाद कल सुबह लंदन छोड़ देंगे। कल दोपहर की फ्लाइट यहाँ से है, सो सुबह ही घर छोड़ देंगे, हाँ उस समय जब भारत में दोपहर होती है। फिर मुंबई होते हुए, परसों सुबह गोआ पहुंचेंगे। बहुत लंबे समय तक यमुना मैया के पास, दिल्ली में यमुना पार- शाहदरा…
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223. लंदन की खुरचन!
शीर्षक पढ़कर आप सोच सकते हैं कि मैं किस डिश, किस व्यंजन की बात कर रहा हूँ और क्या ऐसी कोई डिश भी लंदन की विशेषता है! दरअसल मुझे तो किसी भी डिश की जानकारी नहीं है इसलिए ऐसी बात की तो उम्मीद न कीजिए। असल में जब किसी भी विषय में बातचीत का समापन…
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222. ये लंदन-वो दिल्ली!
काफी दिन पहले अपने एक भारतीय अखबार में छपा एक कार्टून याद आ रहा है। उस समय लंदन को दुनिया का सबसे खूबसूरत नगर घोषित किया गया था। कार्टून में एक घर का कमरा दिखाया गया था, जिसमें एक भारतीय सरदार जी का परिवार था, सामान इधर-उधर फैला था, कमरे के आर-पार डोरी टांगकर…