Category: Uncategorized
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112. बच्चा स्कूल जा रहा है!
आज फिर से प्रस्तुत है, एक और पुरानी ब्लॉग पोस्ट- आज बिना किसी भूमिका के, निदा फाज़ली साहब की एक नज़्म शेयर कर रहा हूँ, यह नज़्म खुद इतना कहती है कि मैं उसके आगे क्या कह पाऊंगा! बच्चा जब स्कूल जाता है, शिक्षा प्राप्त करता है, अपने लिए और अपने समय के लिए, देश…
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253. शिक्षा में अशिक्षा!
शिक्षा के बारे में बात करते हुए बड़े संकोच का अनुभव होता है। वैसे मेरे खयाल में देश में कुछ ऐसे शिक्षा मंत्री भी हुए हैं जो शायद बहुत अधिक पढ़े-लिखे नहीं थे, और यह भी संभव है कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधार करने की दृष्टि से उनका योगदान अधिक हो। तो हम भी…
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252. ईश्वर से वार्तालाप!
अब यह भी अजीब इत्तेफाक़ है कि मैंने अभी हाल ही में, अपनी एक पोस्ट में भगवान से बात होने का ज़िक्र किया था, लेकिन वो स्वप्न में था। अब मैं फोन पर भगवान से हुई बातचीत आपके साथ शेयर कर लेता हूँ! असल में, मैं उन लोगों में से हूँ जो फोन अपने पास…
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110. कभी रो के मुस्कुराये, कभी मुस्कुरा के रोये!
आज फिर से प्रस्तुत है, एक और पुरानी ब्लॉग पोस्ट- हिंदी फिल्मों के कुछ ऐसे पुराने गीत हैं, जो आज की तारीख में भले ही बहुत ज्यादा सुनने को नहीं मिलते हों, लेकिन जब अचानक सुनने को मिल जाते हैं, तो सुनकर लगता है कि क्या शायर ने अपना दिल उंडेलकर रख दिया है और…
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251. लिखित शब्द की अंतिम सांसें!
आज # IndiBlogger पर # IndiSpire के अंतर्गत उठाए गए विषय पर अपने विचार रख रहा हूँ, जिसमें यह चिंता व्यक्त की गई है कि ‘क्या वीडियो ब्लॉग, लिखित ब्लॉग्स को समाप्त कर देंगे’ अथवा ‘क्या टेलीविज़न ने प्रिंट मीडिया पत्रकारिता’ अथवा अखबार-पत्रिकाओं को समाप्त कर दिया है?’ कुछ बातें, कुछ प्रक्रियाएं सनातन हैं और…
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250. नहीं रहे वाजपेयी जी!
सक्रिय राजनीति में शामिल एक ऐसा नेता, जिसको देखकर, सुनकर लगता था कि राजनीतिज्ञ भी आदर के पात्र हो सकते हैं। एक ऐसा राजनेता जो पहले एक सहृदय कवि था और उसके बाद पॉलिटिशियन था। बचपन से, दिल्ली में रहकर उनको जनसभा में भी कई बार सुनने का अवसर मिला, टीवी पर बोलते हुए अथवा…
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249. अंतिम दिवस- आज जीवन का!
और आखिर आज वह दिन आ ही गया! मैं एक साधारण प्राणी, भारत में जन्मा इस बात का गर्व है मुझे। वैसे गर्व करने के लिए और बहुत सी बातें नहीं हैं मेरे पास, लेकिन संतोष है, जो कुछ हासिल हुआ उसके लिए। भारत की राजधानी दिल्ली में जन्मा, बचपन गरीबी में बीता, फिर सेवा…
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109. एक ज़ख्म भर गया था, इधर ले के आ गया!
आज फिर से प्रस्तुत है, एक और पुरानी ब्लॉग पोस्ट- हाँ यह पुरानी पोस्ट शेयर करने से पहले, मैं सभी साथियों को अपने प्यारे भारतवर्ष के स्वाधीनता दिवस की हार्दिक बधाई देता हूँ। आज सुदर्शन फाकिर जी की एक गज़ल के बहाने से बात करते हैं, जिसको जगजीत सिंह जी ने बड़े सुंदर तरीके से…
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248. उडुपि- धर्म और पर्यटन का केंद्र!
आज उडुपि कि बारे में बात कर लेते हैं। बहुत दिन पहले किसी ने इस क्षेत्र के बारे में बताया था, इसलिए वहाँ जाने की योजना बनाई। सच्चाई तो यह है कि दो बार वहाँ की टिकट कराकर रद्द करनी पड़ी, अंततः वहाँ पिछले सप्ताहांत में जाने का अवसर आ ही गया। मैं गोआ में…
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247. पेंशन की टेंशन!
मैं माननीय प्रधानमंत्री जी का ध्यान, सरकारी और गैर-सरकारी क्षेत्र के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समस्या की ओर दिलाना चाहता हूँ। मैंने पहले भी माननीय प्रधानमंत्री जी की साइट पर इस संबंध में लिखा था, उसके बाद प्रधान मंत्री जी ने शायद ‘मन की बात’ कार्यक्रम इस विषय का उल्लेख भी किया था। पहली बात तो…