Category: Uncategorized
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तेरी याद दिल से भुलाने चला हूँ!
आज अपने प्रिय गायक मुकेश जी के गाये एक गीत का पहले अंग्रेजी रूपांतर प्रस्तुत करूंगा और बाद में मूल गीत प्रस्तुत करूंगा। यह गीत शैलेंद्र जी ने लिखा था और इसका संगीत दिया था – शंकर-जयकिशन कि विख्यात जोड़ी ने, फिल्म है- 1962 में रिलीज़ हुई- हरियाली और रास्ता। फिल्म के नायक थे- मनोज…
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फ्लोरेंस और पीसा के बीच मार्ग पर लिखे गए कुछ छंद
आज फिर से अंग्रेजी के प्रसिद्ध कवि लॉर्ड बॉयरन की एक और कविता का भावानुवाद और उसके बाद मूल कविता प्रस्तुत कर रहा हूँ। पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया कविता का भावानुवाद- फ्लोरेंस और पीसा के बीच मार्ग पर लिखे गए कुछ छंद अरे,मुझसे किसी ऐसे नाम के बारे में बात न करो,जो…
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126. कहती टूटी दीवट, सुन री उखड़ी देहरी!
आज फिर से प्रस्तुत है एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट- आज एक खबर कहीं पढ़ी कि उत्तराखंड के किसी गांव में केवल बूढ़े लोग रह गए हैं, विशेष रूप से महिलाएं, जवान लोग रोज़गार के लिए शहरों को पलायन कर गए हैं। वैसे यह खबर नहीं, प्रक्रिया है, जो न जाने कब से चल रही है,…
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WOW: What If, It is festival season always?
Now are the days of festivals, I think starting with Ganesh Puja- festivals, celebrations continue till the year-end, while the year-end, welcoming of the New Year is a big celebration in itself. There are old stories associated with each festival, some great soul, God himself, worshipping celebrating the old auspicious events, like the return of…
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Education and Literacy
Again I am getting a chance to discuss about the Indian Education system, find faults with it and try to suggest some steps to improve it, while I do not consider myself educated enough to do all that! But the fact remains that we the Indians, might not be able to accomplish something, do some…
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संगीत के लिए कुछ छंद
आज अंग्रेजी के प्रसिद्ध कवि लॉर्ड बॉयरन की एक और कविता का भावानुवाद और उसके बाद मूल कविता प्रस्तुत कर रहा हूँ। पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया कविता का भावानुवाद- संगीत के लिए कुछ छंद ऐसी कोई नहीं होगी सौंदर्य-पुत्री, जिसका जादू तुम्हारी तरह मुग्ध करता हो, और तुम्हारा मधुर स्वर है मेरे…
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एक आत्मा मेरे सामने आई!
<strong>एक आत्मा मेरे सामने आई!</strong> आज अंग्रेजी के प्रसिद्ध कवि लॉर्ड बॉयरन की एक और कविता का भावानुवाद और उसके बाद मूल कविता प्रस्तुत कर रहा हूँ। पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया कविता का भावानुवाद- एक आत्मा मेरे सामने आई! एक अमर आत्मा मेरे सामने आई: और मैंने गौर से देखा, अमरत्व का…
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अकेलापन!
आज अंग्रेजी के प्रसिद्ध कवि लॉर्ड बॉयरन की एक कविता का भावानुवाद और उसके बाद मूल कविता प्रस्तुत कर रहा हूँ। पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया कविता का भावानुवाद- अकेलापन चट्टानों पर बैठना, बाढ़ और गिरे हुए पेड़ों पर चिंतन करना, वन के छायादार फैलाव का धीरे-धीरे अवगाहन करना, जहाँ ऐसी वस्तुओं का…
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ये ‘मी टू’ क्या है जी!
आजकल एक विषय विशेष रूप से चर्चा में है। ऐसा बहुत सी बार होता है, विदेशों में, पश्चिम में कोई विषय शुरू होता है और फिर एक फैशन के तहत वो भारत में फैल जाता है। जैसे टेलीविज़न के बहुत से ‘शो’, वो ‘गेम शो’ हों या ‘टेलेंट शो’ हों, वे पश्चिम में शुरू होते…
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Gadgets and us!
Modern life means more and more dependence on gadgets. Today we try to achieve more and more results with lesser and lesser efforts. We can’t get up and put the switch on and of for many things, what to say about tuning of TV, which is a quite old thing now! I remember in earlier…