Category: Uncategorized
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इतना तो मेरे यार करो मैं नशे में हूँ!
आज फिर से पुराने ब्लॉग का दिन है, लीजिए प्रस्तुत है ये पुरानी ब्लॉग पोस्ट- जगजीत सिंह जी की गाई, शायर ज़नाब शहीद कबीर जी की इस गज़ल के बहाने आज बात शुरू करेंगे- ठुकराओ अब कि प्यार करो, मैं नशे में हूँ जो चाहो मेरे यार करो, मैं नशे में हूँ। गिरने…
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भटकता बादल- रवींद्रनाथ ठाकुर की कविता
आज, काफी दिनों के अंतराल के बाद, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में…
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याद के चरन पखारते न बीत जाय रात!
लंदन प्रवास इस बार का भी समाप्त होने को है, एक सप्ताहांत और बाकी है इसमें। इस बीच आज मन हो रहा है कि सुकवि श्री सोम ठाकुर जी का एक प्यारा सा गीत शेयर कर लूं। कविता अपनी बात खुद ही कहती है, उसके बारे में मैं अलग से क्या कहूं, बस आप इस…
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लंदन में इधर-उधर!
लंदन प्रवास के इस वर्ष और पिछले वर्ष के अनुभवों को मिलाकर शेयर करने के क्रम में आज मैं वह आलेख शेयर करूंगा जो मैंने पिछले वर्ष, तब लिखा था, जब मैं लौटने वाला था। इसमें कुछ बातें बदल गई हैं, जैसे मेरे बेटे का घर अब ‘कैनरी व्हार्फ’ ट्यूब रेलवे स्टेशन के बगल में…
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क्लासिक बोट फेस्टिवल, लंदन!
लंदन प्रवास के इस वर्ष के अनुभवों के अंतर्गत आज मैं बात करूंगा ‘क्लासिक बोट-फेस्टिवल’ की, जिसे हम आज देखने गए और मैं आज इसी का अनुभव शेयर कर रहा हूँ। सभी प्रमुख पर्यटन केंद्रों पर यह भी परंपरा होती है कि वे समय-समय पर ऐसे विभिन्न मेले, उत्सव आदि आयोजित करते रहते हैं…
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एक बार फिर ओ-2 !
लंदन प्रवास के कुछ इस वर्ष के और कुछ पिछले वर्ष के अनुभवों को मैं इन दिनों शेयर कर रहा हूँ, इस क्रम में मैं आज ही के अनुभव अभी शेयर करूंगा। आज की हमारी मंज़िल थी- ओ-2, यह आप समझ लीजिए कि मार्केट-कम-ईवेंट ऑर्गेनाइज़ेशन प्लेस है। लंदन ओलंपिक्स के दौरान इसे बनाया गया था।…
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Tourism for prosperity or destruction!
Today I am discussing a subject related to tourism. Tourism is a very big industry today in the entire world. There are some small countries having beautiful landscape, rivers, hills etc. where the biggest source of earning is related to tourism. For tourists the whole country becomes a host, to serve them and earn good…
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सात बहनें, लंदन की!
पिछले वर्ष के लंदन प्रवास के अनुभवों को शेयर करने के क्रम में आज मैं उस प्रवास के अंतिम सप्ताहांत में की गई एक उल्लेखनीय यात्रा का वृतांत दोहरा रहा हूँ- लंदन प्रवास के अंतिम वीकएंड में हमारा प्रोग्राम बना ईस्टबाउंड स्टेशन के आसपास बसे ब्रिटेन के समुद्रतट और वहाँ दूर-दूर तक फैले हरियाली से…
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ईटिंग ऑउट इन लंदन!
पिछले वर्ष के लंदन प्रवास के अनुभवों को शेयर करने के क्रम में आज मैं वहाँ भोजन, और वह भी भारतीय भोजन करने के वृतांत दोहरा रहा हूँ- आज लंदन में कुछ और देखते हैं। इंसान जहाँ भी जाए, कुछ काम जो वो हर जगह करता है उनमें से एक है भोजन करना। और घर…
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Oh, I could not go there!
Just thinking how much a person can actually see, become familiar with in a city he lives in. Further so many cities some people have to live in, with change of locations due new jobs or change in posting, transfer etc. while there are some who spend their whole life at one place. There are…