Category: Uncategorized
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दिल्ली चुनाव- मुफ्त में भाजी, मुफ्त में खाजा!
आज अपनी दिल्ली को याद करने का मन हो रहा, जहाँ मेरा बचपन बीता और जहाँ मैंने शुरू की कुछ नौकरियां की थीं। मेरा जन्म वहाँ 1950 में हुआ था, जब आज़ादी के बाद दिल्ली बस रही थी, चारदीवारी वाली पुरानी दिल्ली के पार दूर-दूर तक। उस समय की एक गतिविधि जो चुनाव के समय…
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Sunshine Blogger Award!
Dear fellow bloggers and friends. I am very happy to inform you all that once again I have been nominated, among other bloggers, by the same blogger friend. I am very much thankful to him. This time it is “Sunshine Blogger Award” and once again I have been nominated by my creative blogger…
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Justice for all!
Today again discussing on an IndiSpire prompt. Question is whether law is lenient towards the rich and powerful. We have seen examples in society and as reflected in fiction, films etc. When somebody goes for a pilgrimage, taking trouble of walking a lot or travelling a lot, and then submit his or her…
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नाविक – रवींद्र नाथ ठाकुर
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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रहम जब अपने पे आता है तो हंस लेता हूँ।
आज फिर से एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट शेयर कर रहा हूँ| मुकेश जी का गाया एक प्रायवेट गाना याद आ रहा है- मेरे महबूब, मेरे दोस्त, नहीं ये भी नहीं मेरी बेबाक तबीयत का तकाज़ा है कुछ और। हाँ मैं दीवाना हूँ चाहूँ तो मचल सकता हूँ, खिलवत-ए-हुस्न के कानून बदल सकता…
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Bee Love Award- Nomination.
Dear friends Today I would like to share that a fellow blogger who writes nice posts by the name- साधक, his Blog ID – https://vjsadhak.wordpress.com/ has nominated me for ‘Bee Love Award’. I am very thankful to my friend who is a creative writer and I enjoy his writings a lot. By the name of…
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अंतिम पर्दा – रवींद्रनाथ ठाकुर
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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वो सांवली सी एक लड़की!
आज फिर से मैं अपने एक प्रिय शायर स्व. निदा फाज़ली जी की रचना शेयर कर रहा हूँ। उनकी रचनाओं में, गज़लों में, दोहों में एक अलग तरह की रवानी, सादगी, ताज़गी और मिट्टी का सौंधापन देखने को मिलता है। कल मैने ‘मां’ के बारे में उनकी एक रचना शेयर की थी, बाद में याद…
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फटे पुराने इक एलबम, में चंचल लड़की जैसी माँ!
आज एक बार फिर मुझे अपने एक प्रिय शायर स्व. निदा फाज़ली जी याद आ रहे हैं। उनकी रचनाओं में, गज़लों में, दोहों में एक अलग तरह की रवानी, सादगी, ताज़गी और मिट्टी का सौंधापन देखने को मिलता है। आज मैं उनकी जो रचना शेयर कर रहा हूँ, वह ‘मां’ के बारे में है और…
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शिशु देवदूत – रवींद्रनाथ ठाकुर
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…