Category: Uncategorized
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यात्रा – रवीन्द्रनाथ ठाकुर
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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Big shock for Mumbai film industry!
Yesterday and today have been very shocking days for Mumbai film industry and the fans of Hindi films. Yesterday was the day when Irfan Khan who challenged his limits in every role he played on the silver screen. From Pan Singh Tomar to English medium. He went so deep into the roles he played that…
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Still miles to go!
We are now entering the third stage of Lock Down. This has caused a severe loss to the human race. We all had been part of huge gatherings for entertainment, musical festivals, film festivals etc. Now we fear coming near to another person. In some western countries situation is such that dead bodies did not…
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Forced Leave
I have been sharing my blog posts since long time almost daily. it has been on one PC for last 2-3 years almost and this laptop has traveled with me to several places in India and it has traveled twice to London also. Now suddenly this PC that I was using has developed some…
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भीड़ है क़यामत की, फिर भी हम अकेले हैं!
आज फिर से एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट शेयर कर रहा हूँ- एक हिंदी फिल्म आई थी गमन, जिसमें ‘शहरयार’ की एक गज़ल का बहुत खूबसूरत इस्तेमाल किया गया था। वैसे यह गज़ल, आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी की घुटन, कुंठाओं आदि का बहुत सुंदर चित्रण करती है। इंसान को भीतर ही भीतर मारने वाली ऐसी…
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कोई सपनों के दीप जलाए!
आज फिल्म- ‘आनंद’ के लिए मेरे प्रिय गायक मुकेश जी का गाया एक गीत याद आ रहा है, जो आज तक लोगों की ज़ुबान पर है। उस समय राजेश खन्ना जी सुपर स्टार थे और अमिताभ बच्चन के कैरियर को आगे बढ़ाने में इस फिल्म की महत्वपूर्ण भूमिका थी। योगेश जी के लिखे इस गीत…
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हरी कलगी बाजरे की – अज्ञेय
आज हिंदी साहित्य में प्रयोगवाद के प्रणेता और नई कविता के सूत्रधार स्व. सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ। इस कविता में भी उन्होंने इस बात पर बल दिया है कि अब कविता में नए प्रतीकों की खोज की जानी चाहिए क्योंकि पुराने प्रतीकों का उपयोग होते-होते वे घिस…
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मेरा गीत – रवींद्रनाथ ठाकुर
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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भाभी माँगे खट्टी अमिया, भैया रस की खीर!
आज एक बार फिर से देश के लोकप्रिय कवि और गीतकार माननीय श्री सोम ठाकुर जी का एक बेहद लोकप्रिय गीत शेयर कर रहा हूँ, मेरा सौभाग्य है कि आयोजनों के सिलसिले में मुझे उनसे कई बार मिलने का और अनेक बार उनका काव्य-पाठ सुनने का अवसर प्राप्त हुआ है। इस गीत की…