Category: Uncategorized
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मैना बोली हाऊ डू यू डू, तोता बोला व्याकुल हूँ!
आज मैं हिन्दी हास्य कविता के एक अनूठे हस्ताक्षर स्वर्गीय ओम प्रकाश आदित्य जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| आदित्य जी निर्मल हास्य सृजित करने में माहिर थे| कभी उन्होंने छंद को नहीं छोड़ा और कभी किसी फूहड़ अभिव्यक्ति का सहारा नहीं लिया| मेरा सौभाग्य है कि मुझे कई बार उनको अपने आयोजनों…
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खोया हुआ समय- रवीन्द्रनाथ ठाकुर
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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समय की नंगी सलीबों पर, गले में अटकी हुईं फाँसें!
आज मैं हिन्दी कविता और नवगीत के यशस्वी हस्ताक्षर श्री ओम प्रभाकर जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| वैसे तो मनुष्य को जीवन में आशावादी होना चाहिए, लेकिन एक कवि अपने समय की सभी स्थितियों को अभिव्यक्त करता है, विसंगतियों को उजागर करता है| इन अभिव्यक्तियों का मूल उद्देश्य इंसानियत को जगाना ही…
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जंगल के राजा सावधान!
आज मैं हिन्दी कविता के एक महान स्तंभ स्वर्गीय भवानी प्रसाद मिश्र जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| भवानी दादा बातचीत के लहजे में कविता लिखने के लिए प्रसिद्ध थे| आपातकाल में वे प्रतिदिन तीन रचनाएँ लिखते थे, जिसे ‘त्रिकाल संध्या’ नाम से संकलित किया गया| मेरा सौभाग्य है कि मुझे दिल्ली की…
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तुझे मेरे गीत बुलाते हैं!
हिन्दी फिल्मों के अनूठे गीतकार पंडित भारत व्यास जी का गीत आज शेयर कर रहा हूँ| भारत व्यास जी ने बहुत सुंदर गीत फिल्मों को दिए हैं, जैसे ‘ऐ मालिक तेरे बंदे हम’, ‘जीवन में पिया तेरा साथ रहे’, ‘बड़े प्यार से मिलना सबसे, दुनिया में इंसान रे’, ‘जरा सामने तो आओ छलिए’ आदि-आदि| आज…
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जैसे कोई हंस अकेला, आंगन में उतरे!
आज हिन्दी नवगीत के अनूठे हस्ताक्षर माहेश्वर तिवारी जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| गीत-कविता आदि स्वयं ही अपनी बात कहते हैं, उसके बारे में अलग से कुछ कहने की आवश्यकता नहीं होती| किसी की याद को लेकर कितनी सुंदर अभिव्यक्ति इस गीत में दी गई है, आइए इस गीत का आनंद लेते…
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राहें हैं तमाशाई राही भी तमाशाई!
आज विख्यात भारतीय शायर जनाब अली सरदार जाफरी साहब की एक गजल शेयर कर रहा हूँ| जाफरी साहब ने बहुत नायाब शायरी और गीत हम लोगों को दिए हैं| आपके अनेक गीत हिन्दी फिल्मों में सुपरहिट हुए हैं और इस गजल की तरह बहुत से गीत/गजलों को जगजीत सिंह जी और अन्य गायकों ने गाया…
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कल मेरी नींदों में छुपकर ,जाग रहा था जाने कौन!
आज मैं फिर से निदा फाजली साहब की एक गजल शेयर कर रहा हूँ| निदा साहब मेरे प्रिय शायर रहे हैं, जहां उन्होने शायरी में अनेक प्रयोग किए हैं, वहीं कभी-कभी वे फकीर जैसे लगते हैं| कुछ पंक्तियाँ उनकी तो दिल में बसी रहती हैं, जैसे- ‘मैं रोया परदेस में भीगा माँ का प्यार, दिल…
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छोटी सी बांसुरी- रवीन्द्रनाथ ठाकुर
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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वह अट्टहासों का धनी, अब मुस्कुराता तक नहीं!
आज मैं एक बार फिर से अपने प्रिय कवियों में से एक रहे, स्वर्गीय किशन सरोज जी का एक गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ, ये बात मुझे बार-बार बतानी अच्छी लगती है कि मैंने कई बार उनको अपने आयोजनों में बुलाया था और वे बड़े आत्मीय भाव से गले मिलते थे| एक बात और बता…