Category: Uncategorized
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नहीं भूलना है मुझे – रवींद्रनाथ ठाकुर
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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अलविदा राहत इंदौरी जी!
विख्यात उर्दू शायर और फिल्मी गीतकार राहत इंदौरी जी नहीं रहे| जैसा कि राहत जी ने खुद ही अपने संदेश द्वारा अपने प्रशंसकों को सूचित किया था, वे कोरोना पॉज़िटिव पाए जाने के बाद इंदौर के अरविंदो अस्पताल में भर्ती हुए थे और शायद 24 घंटे से कम अवधि में ही दिल का दौरा पड़…
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मौसम नहीं, मन चाहिए !
एक बार फिर से आज हिन्दी काव्य मंचों पर गीत परंपरा के एक लोकप्रिय स्वर रहे, स्वर्गीय रमानाथ अवस्थी जी का एक गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ| इस गीत में यही संदेश दिया गया है कि अगर हमारे हौसले बुलंद हों, अगर हमारे मन में पक्का संकल्प हो तो हम कुछ भी कर सकते हैं,…
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नफरत की बैटरी!
ब्लॉग लेखन के लिए मैंने तो मुख्यतः कविता, गीत, गजल आदि का सृजनात्मक क्षेत्र चुना है और मैं समझता हूँ कि इस क्षेत्र में ही अभिव्यक्ति के लिए इतना कुछ मिल जाता है कि कुछ और ढूँढने की जरूरत ही नहीं है| हाँ एक जागरूक नागरिक होने के नाते, जब किसी सामयिक राजनैतिक विषय पर…
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एवार्ड हेतु नॉमिनेशन के बहाने!
आज फिर से एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट की बारी है – कभी कभी कुछ अलग लिखने का मन करता है, आज इसके लिए मुझे बहाना भी मिल गया क्योंकि ब्लॉग लेखन संबंधी एक एवार्ड के लिए मेरा नॉमिनेशन हो गया। मैंने, सेवानिवृत्ति से पूर्व, 22 वर्ष तक सार्वजनिक क्षेत्र की एक महानवरत्न कंपनी में काम…
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ये मुझसे तगड़े हैं- रमेश रंजक
हिन्दी के चर्चित नवगीतकार स्वर्गीय रमेश रंजक जी का एक गीत आज शेयर कर रहा हूँ, इस गीत में रंजक जी ने कितनी खूबसूरती से यह अभिव्यक्त किया है कि दुख घर से जाने का नाम ही नहीं ले रहे हैं| लीजिए प्रस्तुत है यह गीत- जिस दिन से आए उस दिन से घर में…
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कृष्णकली – रवीन्द्रनाथ ठाकुर
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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दुःख की छाया, सुख की रेखा!
हिन्दी काव्य मंचों के एक प्रमुख हस्ताक्षर थे स्वर्गीय बलबीर सिंह ‘रंग’, जो अपनी बेबाकी और फक्कड़पन के लिए जाने जाते थे| उनकी कुछ प्रसिद्ध पंक्तियाँ, जिनका मैं अक्सर स्मरण करता हूँ, वे हैं- आब-ओ-दाना रहे, रहे न रहे, ये ज़माना रहे, रहे ना रहे, तेरी महफिल रहे सलामत यार, आना-जाना रहे, रहे ना रहे|…
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अगर तू पास आ जाए तो हर गम दूर हो जाए!
आज मैं फिल्मी दुनिया के बहुत सृजनशील गीतकार स्वर्गीय आनंद बख्शी जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| बख्शी जी ने बहुत सारे हल्के-फुल्के गीत भी लिखे हैं लेकिन कुछ गीत बहुत सुंदर लिखे हैं| आज का उनका यह गीत फिल्म- खिलौना में फिल्माया गया था, इसको लता मंगेशकर जी ने लक्ष्मीकान्त प्यारेलाल जी…
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शकुंतला देवी के बहाने!
ग्रेट मेथमेटिकल जीनियस, गणित के कठिन से कठिन सवाल मिनटों में हल कर देने वाली शकुंतला देवी के जीवन पर बनी फिल्म देख ली, उनके बारे में अनेक जानकारियाँ प्राप्त करके अच्छा लगा| मुझे आशा है कि इस फिल्म के लिए अच्छी शोध की गई होगी और शकुंतला देवी के किरदार को पर्दे पर विद्या…