Category: Uncategorized
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जब भी जुड़े बांटा गया
निदा फ़ाज़ली साहब मेरे अत्यंत प्रिय शायर रहे हैं, बहुत सुंदर गीत, ग़ज़लें और नज़्में उन्होंने लिखी हैं, दोहे ऐसे-ऐसे कि ‘मैं रोया परदेस में, भीगा माँ का प्यार’, और इसे ग़ज़ल कहें या भजन- ‘गरज, बरस प्यासी धरती पर, फिर पानी दे मौला’, ‘घर से मस्जिद है बहुत दूर चलो यूं कर लें, किसी…
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सजन घर जाना है!
आज फिर से मुकेश जी का गाया एक गीत शेयर कर रहा हूँ| प्रारंभ में मुकेश जी ने दिलीप कुमार जी के लिए अनेक खूबसूरत गीत गए थे, यह गीत भी उनमें से ही एक है| यह गीत है पुरानी फिल्म- मेला का, जिसे लिखा था शकील बदायुनी साहब ने और इसका संगीत दिया था…
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ब्लॉगिंग के बहाने!
काफी लंबे समय से ब्लॉगिंग से जुड़ा हूँ, बहुत पहले कविताएं लिखा करता था, वे तो लंबे समय से बंद थीं, फिर नौकरी से भी रिटायर हो गया तो सोचा कि कहां इनवॉल्व हुआ जाए, तब इसके लिए ब्लॉगिंग अच्छी लगी और इस बहाने बहुत से क्रिएटिव लोगों से भी जुड़ने का मौका मिला ‘वर्डप्रेस’…
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ऐ शरीफ़ इंसानों!
हिंदुस्तान के एक नामवर शायर, जिनका भारतीय फिल्मों के गीत-ग़ज़ल लेखन में भी बहुत बड़ा योगदान है और जो कवि-लेखकों के स्वाभिमान की रक्षा के लिए सदा संघर्ष करते रहे, ऐसे महान शायर और गीतकार स्वर्गीय साहिर लुधियानवी जी की एक नज़्म आज शेयर कर रहा हूँ| इस रचना में साहिर साहब ने युद्ध की…
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मैं सांसों के दो तार लिए फिरता हूँ!
आज एक बार फिर से मैं हिन्दी काव्य जगत के अनूठे कवि, किसी समय मंचों की शोभा बढ़ाने वाले और श्रोताओं को झूमने के लिए मजबूर करने वाले, स्वर्गीय हरिवंश राय बच्चन जी का एक गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ, जिसे उन्होंने आत्म-परिचय के रूप में प्रस्तुत किया है| एक बार फिर से मुझे आकाशवाणी…
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आंसू न बहा फ़रियाद न कर!
आज फिर से मैं हम सबके प्यारे मुकेश जी का गाया एक बहुत सुंदर गीत शेयर कर रहा हूँ| डॉक्टर सफ़दर आह सीतापुरी जी का लिखा यह गीत मुकेश जी ने फिल्म- ‘पहली नज़र’ के लिए गाया था, इसका संगीत तैयार किया था अनिल बिस्वास जी ने| इस गीत के साथ सबसे महत्वपूर्ण बात यह…
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‘आशा’ से
आज फिर से प्रस्तुत है एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट| आज भी मैं विख्यात अंग्रेजी कवि जॉन कीट्स की अंग्रेजी भाषा में लिखी गई एक और कविता का भावानुवाद और उसके बाद मूल अंग्रेजी कविता प्रस्तुत करने का प्रयास करूंगा। आज के लिए पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया कविता का भावानुवाद- जॉन कीट्स ‘आशा’…
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मौला जाने क्या होगा आगे!
पुराने जमाने के अमर फिल्मी गीतों को शेयर करने के क्रम में आज मुकेश जी का गाया एक और नायाब गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ, जो मनोज कुमार जी की फिल्म से है| लीजिए प्रस्तुत है फिल्म- ‘हरियाली और रास्ता’ के लिए हसरत जयपुरी जी का लिखा यह गीत, जिसका संगीत दिया था शंकर जयकिशन…
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हम चल रहे थे, वो चल रहे थे!
हमारी फिल्मों में भी कविता/गीतों को महत्वपूर्ण स्थान मिला है| फिल्मों की कहानी को आगे बढ़ाने में गीतों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है| हमारे समय के अनेक प्रसिद्ध रचनाकारों- कवियों और शायरों ने फिल्मों में अपने गीतों/ग़ज़लों के माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान दिया है| फिल्मों एक बात यह भी होती है कि गीत सिचुएशन पर…
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हरी हरी दूब पर!
आज मैं भारत के पूर्व प्रधान मंत्री, महान राजनेता, अनूठे वक्ता और एक श्रेष्ठ कवि स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| स्वर्गीय वाजपेयी जी ने हर भूमिका में अपनी अमिट छाप छोड़ी है| जहां आज भी हम उनके ऐतिहासिक भाषणों को यदा-कदा सुनते रहते हैं वहीं उनकी कविताएं भी…