Category: Uncategorized
-
फिर नशे में 1
ठुकराओ अब कि प्यार करो मैं नशे में हूँ ,जो चाहो मेरे यार करो मैं नशे में हूँ | शाहिद कबीर
-
दूर से देखता हूँ – रवीन्द्रनाथ ठाकुर
आज प्रस्तुत है एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट| आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी…
-
मैं नशे में हूँ 2
ढल चुकी है रात कब की, उठ गई महफ़िल,मैं कहाँ जाऊं नहीं मेरी कोई मंजिल,दो क़दम मुश्किल है चलना मैं नशे में हूँ!
-
मैं नशे में हूँ 1
है ज़रा सी बात और छलके हैं कुछ प्याले,पर न जाने क्या कहेंगे ये जहां वाले,तुम बस इतना याद रखना, मैं नशे में हूँ!
-
मैं नशे में हूँ!
कल की यादें मिट चुकी हैं, दर्द भी है कम, अब ज़रा आराम से आ जा रहा है दम,कम है अब दिल का तड़पना, मैं नशे में हूँ!
-
पढ़कर भी क्या होगा!
हिन्दी नवगीत के एक सशक्त हस्ताक्षर स्वर्गीय कुमार शिव जी का एक गीत आज शेयर कर रहा हूँ| उनकी एक गीत पंक्ति जो मैंने कई बार अपने आलेखों में दोहराई है, वो है: फ्यूज बल्बों के अद्भुद समारोह में,रोशनी को शहर से निकाला गया| एक और काले कपड़े पहने हुए सुबह देखी,देखी हमने अपनी सालगिरह…
-
दुनिया, जादू का खिलौना!
बरसात का बादल तो, दीवाना है क्या जाने,किस राह से बचना है, किस छत को भिगोना है| निदा फाज़ली
-
मतवाली नार!
एक बार फिर से मैं हम सबके प्यारे मुकेश जी का गाया एक और बहुत प्यारा गीत शेयर कर रहा हूँ जो राग मारू बिहाग पर आधारित है | फिल्म ‘एक फूल चार कांटे’ के लिए शैलेन्द्र जी के लिखे इस गीत को शंकर जयकिशन की सुरीली जोड़ी के संगीत निर्देशन में मुकेश जी ने…
-
वो घर बदल लिया है!
एक पुराने दुख ने पूछा , क्या तुम अभी वहीं रहते हो,उत्तर दिया चले मत आना, मैंने वो घर बदल लिया है! शिशुपाल सिंह ‘निर्धन’
-
नीड़ का निर्माण फिर फिर!
आज एक बार फिर से हिन्दी गीत काव्य के स्तंभ और कवि सम्मेलनों में श्रोताओं को झूमने के लिए मजबूर कर देने वाले विख्यात कवि और गीतकार स्वर्गीय हरिवंश राय बच्चन जी का एक प्रसिद्ध गीत शेयर कर रहा हूँ| बच्चन जी के बारे में कुछ बातें मैं पहले भी शेयर कर चुका हूँ, इस…