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एक आँख वाला इतिहास!
आज मैं हिंदी के श्रेष्ठ कवि स्वर्गीय दूधनाथ सिंह जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ। दूधनाथ जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय दूधनाथ सिंह जी की यह कविता – मैंने कठैती हड्डियों वाला एक हाथ देखा– रंग में काला और धुन में कठोर ।…
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ख़ुशबू-ए-आवारा!
हम ख़ुशबू-ए-आवारा हम नूर-ए-परेशाँ हैं,ऐ ‘बद्र’ मुक़द्दर में आशुफ़्ता-बयानी है| बशीर बद्र
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वो मिस्रा-ए-आवारा!
वो मिस्रा-ए-आवारा दीवानों पे भारी है,जिस में तिरे गेसू की बे-रब्त कहानी है| बशीर बद्र