अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं श्री सूर्यभानु गुप्त जी की एक और ग़ज़ल के कुछ शेर अपने स्वर में प्रस्तुत कर रहा हूँ-
उल्टे-सीधे गिरे पड़े हैं पेड़, रात तूफान से लड़े हैं पेड़!
आशा है आपको यह पसंद आएंगे,
धन्यवाद।
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