लहरों की तहरीरें भी!

हिज्र के दरिया में तुम पढ़ना लहरों की तहरीरें भी,

पानी की हर सत्र पे मैं कुछ दिल की बातें लिक्खूंगा|

अमजद इस्लाम अमजद

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