सफ़र पे आज वही!

सफ़र पे आज वही कश्तियाँ निकलती हैं,
जिन्हें ख़बर है हवाएँ भी तेज़ चलती हैं|

वसीम बरेलवी

2 responses to “सफ़र पे आज वही!”

  1. Wonderful post 🎸thanks for sharing🎸

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