गीतों में भर देंगे हम!

प्रस्तुत है आज का यह गीत, आप सुधीजनों की सम्मति चाहूंगा-

जो प्रसाद देगा जीवन वह
गीतों में भर देंगे हम!

करना सदुपयोग हमको
उपहारों का, अवशिष्टों का,
मान और अपमान मिला जो
या व्यवहार विशिष्टों का,

लिखते नहीं बही पर सब कुछ
जस का तस धर देंगे हम।

वैसे जीवन का उधार भी
हम पर है काफी ज्यादा
सबसे ही कुछ मिला हमें
वह मंत्री हो या हो प्यादा

सोच रहे हैं कैसे चुकता
सभी उधार करेंगे हम।

जीवन अजब पहेली है जी
बूझ न पाए ज्ञानी भी
लेकिन जीवित तो रहते हैं
हम जैसे अज्ञानी भी,

देखेंगे इस कठिन भंवर को
कैसे पार करेंगे हम।

आज के लिए इतना ही,
नमस्कार

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4 responses to “गीतों में भर देंगे हम!”

  1. बहुत सुन्दर।

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    1. हार्दिक धन्यवाद जी

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  2. नमस्कार 🙏🏻

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    1. नमस्कार जी

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