ठहरे हुए पानी की !

किस तरह किनारों को है सीने से लगाए,
ठहरे हुए पानी की अदा तुम भी तो देखो|

बशर नवाज़

2 responses to “ठहरे हुए पानी की !”

  1. बहुत खूब

    Liked by 2 people

    1. हार्दिक धन्यवाद जी

      Liked by 1 person

Leave a reply to samaysakshi Cancel reply