
कल मेरा 75 वां जन्मदिन था, इस अवसर पर मेरी पत्नी के अलावा मेरे तीनों बेटे साथ थे, एक के साथ तो हम ग़ोवा में रहते ही हैं, मेरे एक बेटा बहू बंगलौर से आए और बड़ा बेटा लंदन से भी आया, जिनकी हमें पहले से जानकारी नहीं थी।
मेरे बड़े बेटे ने एक और भी सरप्राइज़ मुझे दिया, मैं अपनी जो कविताएं अपने ब्लॉग में और फेसबुक पर शेयर करता रहा हूँ उनको पुस्तक के रूप में प्रकाशित करा दिया और उसकी प्रतियां हमें भेंट कीं।

इस प्रकार मेरा यह 75 वां जन्म दिन अविस्मरणीय हो गया। हमने गोवा के ही एक शानदार विला में दो दिन प्रवास करते हुए मेरा यह जन्मदिन मनाया।
फिलहाल इतना ही,
यह पुस्तक एमेज़ॉन पर प्रकाशित होने पर लिंक भेजूंगा।
धन्यवाद
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