मेरे रतजगों में क़ैद हैं!

कौन सी आँखों में मेरे ख़्वाब रौशन हैं अभी,
किस की नींदें हैं जो मेरे रतजगों में क़ैद हैं|

सलीम कौसर

2 responses to “मेरे रतजगों में क़ैद हैं!”

  1. वाह्ह्हह्ह्ह्ह वाह्ह्हह्ह्ह्ह 👌

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    1. हार्दिक धन्यवाद जी

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