अपना परचम हम भी!

आँधियाँ चलती रहें अफ़्लाक थर्राते रहे,
अपना परचम हम भी तूफ़ानों में लहराते रहे|

अली सरदार जाफ़री

2 responses to “अपना परचम हम भी!”

  1. बहुत सुंदर 👌

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    1. हार्दिक धन्यवाद जी

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