A sky full of cotton beads like clouds
पहले हँस के मिलते हैं फिर नज़र चुराते हैं,
आश्ना-सिफ़त हैं लोग अजनबी दयारों के|
साहिर लुधियानवी
वाह्ह्हह्ह्ह्ह 👌
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