शायद वो मिल ही जाए

शायद वो मिल ही जाए मगर जुस्तुजू है शर्त,
वो अपने नक़्श-ए-पा तो मिटा कर नहीं गया|

शहज़ाद अहमद

2 responses to “शायद वो मिल ही जाए”

  1. नमस्कार 🙏🏻

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    1. नमस्कार जी

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