दिल की गली में!

दिल की गली में चाँद निकलता रहता है,

एक दिया उम्मीद का जलता रहता है|

अज़हर इक़बाल

2 responses to “दिल की गली में!”

  1. वाह्ह्हह्ह्ह्ह 👌

    Liked by 2 people

Leave a comment