फेसबुक पर कविताएं!


मैं काफी वर्षों से अपना ब्लॉग लिख रहा हूँ, जिस पर मैंने शुरुआत अपने जीवन के विभिन्न अनुभवों को क्रमवार लिखने से की थी, हाँ कविता मेरे जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग रही है अतः मैंने कविता को भरपूर इसमें स्थान दिया है।

अपनी ब्लॉग पोस्ट्स का लिंक मैं शुरू से ही अपने फेसबुक पृष्ठ पर शेयर करता रहा हूँ, परंतु बाद में मुझे लगा कि लिंक के माध्यम से लोग शायद नहीं देख पाते इसलिए मैंने पिछले दिनों एक माह तक अपनी कविताएं फेसबुक पर सीधे शेयर कीं और अभी कुछ दिनों से कुछ विश्व स्तरीय कवियों की कविताओं के अनुवाद जो मैंने किए हैं उनको शेयर कर रहा था।

मैंने सौ से अधिक विश्व स्तरीय अंग्रेजी कविताओं के अनुवाद किए हैं जिनमें विलियम वर्ड्सवर्थ, रॉबर्ट फ्रॉस्ट, रवींद्रनाथ ठाकुर, जॉन कीट्स, लॉर्ड बॉयरन आदि की कविताएं शामिल हैं (सबसे अधिक अनुवाद मैंने रवींद्रनाथ ठाकुर जी की कविताओं के किए हैं)। ब्लॉग पर मेरे पाठकों में अनेक ऐसे व्यक्ति शामिल हैं जिनकी अंग्रेजी में पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, हाँ हिंदी में जिनकी कविता की पुस्तकें प्रकाशित हुई हों ऐसे लोग मेरी जानकारी के अनुसार ब्लॉग पर मुझे फॉलो करने वाले लोगों में कम हैं, सो मैंने सोचा कि सीधे फेसबुक पर अपनी प्रकाशित कविताओं और अनुवादों को शेयर कर लेता हूँ और शायद इन पर कविता के महाप्रभुओं की सम्मति भी प्राप्त हो जाए, वैसे ये मैं जानता हूँ कि यहाँ मेरी कोई ‘कमिटिड ऑडिएंस’ नहीं है। मैंने अपनी कविताएं शेयर करने के बाद कुछ अनुवाद भी शेयर किए परंतु जहाँ सामान्य पाठकों की प्रतिक्रियाएं कुछ हद तक प्राप्त हुईं वहीं कवि बिरादरी के लोगों की पूर्ण अरुचि को देखते हुए मैंने यह निर्णय लिया है कि अब आगे से और अनुवाद नियमित रूप से यहाँ शेयर नहीं करूंगा, (बाद में मन होगा तो कभी-कभार शेयर कर लूंगा) जो साथी मेरे किए हुए अनुवाद देखना चाहते हैं वे मेरे ब्लॉग http://www.samaysakshi.in पर जाकर उन कुछ कवियों के नाम अथवा #PoetryTranslation डालकर अनुवाद खोज सकते हैं, वैसे अपनी नई ब्लॉग पोस्ट्स का लिंक तो मैं पहले की तरह शेयर करता ही रहूंगा।

फेसबुक पर कविता का जो वातावरण है उसके बारे में एक-दो बात कहने का मन है, यहाँ कुछ तो कविता के संस्थान चल रहे हैं, उनको अकादमी भी कह सकते हैं, जो यह मानते हैं कि जिसको वे मान्यता दें वही कवि है, बाकी कोई और कवि कैसे हो सकता है।
दूसरी तरफ फेसबुक पर ऐसे अनेक लोग कवि के रूप में प्रचारित होते हैं जिनका मुझे ऐसा लगता है कि कविता से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है परंतु बताया जाता है कि उनको अनेक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं, कुछ सम्मान तो लगता है उनके लिए ही सृजित किए गए हैं। वैसे इस तरह के लोग अक्सर किसी प्रमुख नगर में रहते हैं, किसी साहित्यिक संस्था के अध्यक्ष, सचिव आदि होते हैं और कोई संपादक, पत्रकार आदि भी नियमित रूप से उनके आयोजनों के सम्मानित अतिथि होते हैं।


खैर यह सब तो कविता की राजनीति में चलता ही रहेगा, मैं उन मित्रों को हार्दिक धन्यवाद देता हूँ जिन्होंने मेरी कविताओं और अनुवादों पर अपनी मूल्यवान सम्मति दी है। आगे भी मेरी ब्लॉग पोस्ट्स को लिंक के माध्यम से आप देख सकते हैं।
धन्यवाद
******
#PoetryOnFacebook, #HindiPoetry, #SocialNetworking
#PoetryTranslation #WilliamWordsworth, #Tagore, #LordByron, #RobertFrost, #JohnKeats

3 responses to “फेसबुक पर कविताएं!”

  1. नमस्कार 🙏🏻

    Liked by 3 people

    1. नमस्कार जी

      Liked by 1 person

Leave a reply to samaysakshi Cancel reply