नए कपड़े बदल कर!

नए कपड़े बदल कर जाऊँ कहाँ और बाल बनाऊँ किस के लिए,

वो शख़्स तो शहर ही छोड़ गया मैं बाहर जाऊँ किस के लिए|

नासिर काज़मी

4 responses to “नए कपड़े बदल कर!”

  1. This is one of my favorite ones. Nice gazal.

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