घर में रहते हुए !

घर में रहते हुए ग़ैरों की तरह होती हैं,
लड़कियाँ धान के पौदों की तरह होती हैं|

मुनव्वर राना

2 responses to “घर में रहते हुए !”

  1. वाह्ह्हह्ह्ह्ह 👌

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    1. धन्यवाद जी

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