ऊपर जो शीर्षक दिया गया है उसमें टी वी पर देखे जाने वाले दो कार्यक्रमों के नाम हैं, एक टी वी सीरियल है ‘राधिका दिल से’ जो सोनी टीवी पर आजकल दिखाया जा रहा है और दूसरी एक अमेरिकन फिल्म है ‘JUMANJI’ जिसके शायद तीन भाग दिखाए जा चुके हैं और चौथा भाग रिलीज़ होने वाला है।
पहले टीवी सीरियल ‘राधिका दिल से’ की बात कर लें, बहुत समय से मैंने हिंदी टीवी सीरियल देखना बंद कर दिया था, शायद अंतिम सीरियल जो काफी हद तक देखा था वह था ‘कसौटी ज़िंदगी के’, कुल मिलाकर यही लगा कि हिंदी टीवी सीरियलों में खलनायिकाओं का भविष्य बहुत उज्ज्वल है, पटकथा लिखने वालों को भी इसी बात का पारिश्रमिक दिया जाता है कि किस प्रकार एक शरीफ युवती, जो सामान्यतः घर की बहू होती है, उसको हर दिन नए तरीके से कष्ट पहुंचाने का प्लॉट पटकथा में शामिल किया जा सकता है। ये सीरियल निर्माता शायद यह भी मानते हैं कि जो शरीफ व्यक्ति होता है वह आवश्यक रूप से मूर्ख भी होता है।
दरअसल यह सीरियल कौन बनेगा करोड़पति के स्थान पर शुरू हुआ, उस समय पर टीवी देखने की आदत बनी हुई थे, इसलिए काफी दिन देख लिया, वैसे शुरू में लगा कि मोटापे के कारण किसी युवती को किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, इसका मानवीय आधार पर कुछ तर्कसंगत चित्रण होगा, लेकिन कुल मिलाकर ऐसा लगता कि पटकथा लिखने वाले तीन लोगों में इस बात की प्रतियोगिता चल रही है कि षड़यंत्रकारियों को कितना बुद्धिमान और सीधी युवती को कितना मूर्ख दिखाया जा सकता है।
वैसे मैंने कुछ पाकिस्तानी सीरियल भी देखे थे, जैसे ‘बेबी बाजी’, उनमें भी खलनायिकाओं को जमकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का अवसर प्रदान किया गया था। मेरा मानना है कि इस प्रकार के नकारात्मक सीरियलों पर समय बर्बाद करने के स्थान पर कोई गेम शो, जैसे केबीसी, गाने संबंधी इंडियन आइडल आदि, यदि कुकिंग का शौक है तो मास्टर शेफ आदि देख सकते हैं।
पाकिस्तान में भी कुछ कॉमेडी के शो बनते हैं, जैसे एक है ‘बुलबुले’ और अपने यहाँ तो कपिल शर्मा तथा और भी बहुत से स्टेंड अप कॉमेडी के कलाकार हैं, उनको देखना इस प्रकार के सीरियल्स पर समय बर्बाद करने से कहीं अच्छा होगा।
इसी क्रम में मुझे अंग्रेजी में बनी अमरीकी फिल्म ‘जुमांजी’ का ध्यान आ रहा है, इस फिल्म में बहुत सुंदर तरीके से यह दिखाया गया है कि किस प्रकार टीवी पर गेम देखने के शौकीन कुछ नवयुवकों को रोमांचक रूप से टीवी कार्यक्रम (गेम) के कैरेक्टर्स में शामिल कर लिया जाता है और फिर वे क्या कारनामे करते हैं, कहाँ कहाँ और कैसे जाते हैं वह वास्तव में देखकर अनुभव करने की चीज है, पटकथा लिखने वाले ऐसी रोमांचक पटकथा लिखें और उनका प्रभावशाली चित्रण किया जाए जिसको देखकर देखने वाले रोमांचित हो जाएं, बजाय इसके कि हर दिन परिवार में कोई नया षड़यंत्र रचा जाए। इस अमरीकी फिल्म के मूल भाग के अलावा दो सीक्वेल प्रदर्शित किए जा चुके हैं और चौथा भाग शीघ्र रिलीज़ किया जाना है। मुझे लगता है इस प्रकार की फिल्मों की लोग उत्सुकता से प्रतीक्षा करते हैं।
ऐसे ही आज इस विषय पर बात करने का मन हुआ सो कर ली।
आज के लिए इतना ही,
नमस्कार
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