हर बार नए शौक़ से!

हर बार नए शौक़ से है अर्ज़-ए-तमन्ना,
सौ बार भी हम कह के मुकर्रर नहीं कहते|

बिस्मिल सईदी

One response to “हर बार नए शौक़ से!”

  1. वाह्ह्हह्ह्ह्ह 👌

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