रिंदों को डरा सकते हैं क्या हज़रत-ए-वाइ’ज़,
जो कहते हैं अल्लाह से डर कर नहीं कहते|
बिस्मिल सईदी
A sky full of cotton beads like clouds
रिंदों को डरा सकते हैं क्या हज़रत-ए-वाइ’ज़,
जो कहते हैं अल्लाह से डर कर नहीं कहते|
बिस्मिल सईदी
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