मुँह पर नहीं कहते!

क्या अहल-ए-जहाँ तुझ को सितमगर नहीं कहते,
कहते तो हैं लेकिन तिरे मुँह पर नहीं कहते|

बिस्मिल सईदी

2 responses to “मुँह पर नहीं कहते!”

  1. बहुत खूब 👌

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    1. हार्दिक धन्यवाद जी

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