किस शबाहत को लिए आया है दरवाज़े पे चाँद,
ऐ शब-ए-हिज्राँ ज़रा अपना सितारा देखना|
परवीन शाकिर
A sky full of cotton beads like clouds
किस शबाहत को लिए आया है दरवाज़े पे चाँद,
ऐ शब-ए-हिज्राँ ज़रा अपना सितारा देखना|
परवीन शाकिर
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