तिरे बग़ैर जो उम्रें!

तिरे ही लम्स से उन का ख़िराज मुमकिन है,

तिरे बग़ैर जो उम्रें गुज़ार आए हम|

अज़हर इक़बाल

2 responses to “तिरे बग़ैर जो उम्रें!”

  1. नमस्कार 🙏🏻

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    1. नमस्कार जी

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