दुबई में यह दूसरा सप्ताहांत, था।
इस बार हम लोग दुबई के अल फुरज़ान इलाके से कार द्वारा शारजाह गए, जबकि 9 वर्ष पूर्व जब हम आए थे, तब हम शारजाह में ही रहे थे। उस बार मैं लगभग हर दिन कॉर्निश अथवा वाटर फ्रंट तक जाता था, जो इस बीच और ज्यादा सुंदर और विकसित हो गया, इस बार फिर से वहाँ जाकर पुरानी यादें ताज़ा कीं। ऐसे स्थानों पर जाने के बाद, फोटोग्राफ्स के माध्यम से अपनी स्मृतियों को सुरक्षित तो किया ही जाता है, सो हमने वो भी किया।

इसके बाद हम कार द्वारा ही अजमान की ओर चले, वहाँ समुद्र तट पर कुछ समय बिताने का इरादा था, परंतु वहाँ सौंदर्यीकरण का कार्य चल रहा था, इसलिए समुद्र तट पर जाना संभव नहीं लगा और अजमान के सिटी सेंटर जाकर ‘मैक्स’ मल्टीप्लेक्स में शाहिद कपूर की नई फिल्म ‘देवा’ लगी है, उसको देखने का इरादा बनाया।

यह नई फिल्म का शायद तीसरा दिन था, वीकएंड भी था, लेकिन थिएटर में शायद 15-20 लोग ही थे। एक बात यह भी कि मैंने शायद 10 वर्ष बाद सिनेमा हॉल में जाकर कोई फिल्म देखी।

अगले दिन रविवार को हम ग्लोबल विलेज देखने गए, बहुत सारे देशों के मंडप हैं, सभी को पूरी तरह देखने का मन होता है परंतु इतना समय और पैरों में इतनी ताकत नहीं रही जी, इसलिए बीच-बीच से कुछ मंडप देखे और कुछ देर सेंट्रल स्टेज पर कार्टून कैरेक्टर्स पर आधारित एक प्रस्तुति देखी, भाषा तो समझ में नहीं आई परंतु प्रस्तुति बहुत अच्छी लगी।

इस विषय में यही कहूंगा कि प्रदर्शनी बहुत अच्छी है और भारी संख्या में लोग आते हैं इसको देखने, इतने कि कार पार्क करने का स्थान बहुत दूर मिल पाता है।
ग्लोबल विलेज के मंडपों आदि के चित्र अलग से शेयर करूंगा।
आज के लिए इतना ही, नमस्कार।
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