एक बार फिर से दुबई में हैं, पिछली बार लगभग 9 वर्ष पहले दुबई की यात्रा की थी, तब हम गुडगांव से आए थे, दुबई एयरपोर्ट पर लैंड हुए थे और हमारा बेटा उस समय शारजाह में रहता था जो हमें दुबई एयरपोर्ट से शारजाह में अपने घर लेकर गया था, जो शायद सातवें माले पर था और उसकी खिडकी से पीछे स्थित शारजाह को-ऑपरेटिव दिखाई देता था और उसके बगल में बडी सी मस्जिद थी।

इस बार गोवा से आए हैं, जहाँ हम पिछले 7-8 वर्ष से रह रहे हैं, इस बार शारजाह एयरपोर्ट पर लैंड हुए और वहाँ से दुबई आए क्योंकि घर बदल चुका था।

इस बार दुबई में भी कुछ ठंडक है, जिसको हम गोवा में रहते हुए भूल चुके हैं। अभी तक दो दिन के प्रवास हुआ है, हम डिस्कवरी गार्डंस क्षेत्र में रुके हैं, मस्जिद तो यहाँ जिस क्षेत्र में भी रुकेंगे वहाँ बगल में मिल ही जाएगी, अक्सर लोग अपने स्थान को इस तरह पहचानते हैं कि वह मस्जिद से किस तरफ है।

इस बार क्षेत्र को डिस्कवर करने की शुरुआत हमने दुबई में बने ‘हिंदू मंदिर’ से की, बहुत सुंदर मंदिर बना है, उसके बगल में एक गुरुद्वारा और एक चर्च भी है। क्योंकि यहाँ नगर में शायद एक ही मंदिर है, इसलिए उसको ‘हिंदू मंदिर’ कहने से ही काम चल जाता है।
मंदिर से लौटते हुए हम ‘इब्न बतूता शॉपिंग मॉल’ में गए जहाँ चाइना, इंडिया आदि विभिन्न देशों के काफी बडे सेक्शन हैं, जिनकी सज्जा भी उन देशों की विशेष स्टाइल में की गई है, जैसे भारतीय सेक्शन में एक हाथी की प्रतिमा और कुछ कलाकारों की झांकी भी आकर्षण का केंद्र है। बाकी भारतीय सामग्री तो वहाँ मिलती ही है।

अगले दिन हम उस क्षेत्र में गए जहाँ ‘दुबई एक्स्पो 2020’ आयोजित किया गया था और अब इस क्षेत्र को आकर्षक तरीके से रिहायशी और व्यावसायिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, यहाँ विख्यात कलाकारों के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
आज के लिए इतना ही, आगे कुछ और शेयर करने के लिए होगा तो वह भी लिखूंगा।
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