कि दिल भी टूटें तो!

ये आइनों की तरह देख-भाल चाहते हैं,
कि दिल भी टूटें तो फिर से जुड़ा नहीं करते।

अमजद इस्लाम अमजद

2 responses to “कि दिल भी टूटें तो!”

    1. हार्दिक धन्यवाद जी

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