इक सुख़न और कि फिर रंग-ए-तकल्लुम* तेरा,
हर्फ़-ए-सादा को इनायत करे ए’जाज़ का रंग|
*Talking,
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
A sky full of cotton beads like clouds
इक सुख़न और कि फिर रंग-ए-तकल्लुम* तेरा,
हर्फ़-ए-सादा को इनायत करे ए’जाज़ का रंग|
*Talking,
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
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