तुझे आबाद करते हैं!

ज़रा ऐ कुंज-ए-मरक़द याद रखना उस हमिय्यत को,
कि घर वीरान कर के हम तुझे आबाद करते हैं|

चकबस्त ब्रिज नारायण

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