बराबर एक प्यासी रूह की आवाज़ आती है,
कुओं से पन-घटों से नद्दियों से आबशारों से|
कैफ़ भोपाली
A sky full of cotton beads like clouds
बराबर एक प्यासी रूह की आवाज़ आती है,
कुओं से पन-घटों से नद्दियों से आबशारों से|
कैफ़ भोपाली
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