वो जो प्यासे थे समुंदर से भी प्यासे लौटे,
उन से पूछो कि सराबों* में फ़ुसूँ कितना है|
*मृगतृष्णा
शहरयार
A sky full of cotton beads like clouds
वो जो प्यासे थे समुंदर से भी प्यासे लौटे,
उन से पूछो कि सराबों* में फ़ुसूँ कितना है|
*मृगतृष्णा
शहरयार
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