इश्क़ में सर फोड़ना भी क्या कि ये बे-मेहर लोग,
जू*-ए-ख़ूँ को नाम दे देते हैं जू-ए-शीर का|
*River
अहमद फ़राज़
A sky full of cotton beads like clouds
इश्क़ में सर फोड़ना भी क्या कि ये बे-मेहर लोग,
जू*-ए-ख़ूँ को नाम दे देते हैं जू-ए-शीर का|
*River
अहमद फ़राज़
Leave a comment