ख़ुशनुमा लगते हैं दिल पर तिरे ज़ख़्मों के निशाँ,
बीच दीवार में जिस तरह घड़ी लगती है|
मुनव्वर राना
A sky full of cotton beads like clouds
ख़ुशनुमा लगते हैं दिल पर तिरे ज़ख़्मों के निशाँ,
बीच दीवार में जिस तरह घड़ी लगती है|
मुनव्वर राना
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