फ़ैसले वो हैं जो!

तुझ को बरसों से है क्यूँ तर्क-ए-तअ’ल्लुक़ का ख़याल,
फ़ैसले वो हैं जो पल-भर में लिए जाते हैं|

शमीम जयपुरी

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