बयान इल्म-ए-मआ‘नी फ़साहत इल्म-ए-बलाग़,
बयान कर नहीं सकते किसी की एक हँसी|
शहज़ाद क़ैस
A sky full of cotton beads like clouds
बयान इल्म-ए-मआ‘नी फ़साहत इल्म-ए-बलाग़,
बयान कर नहीं सकते किसी की एक हँसी|
शहज़ाद क़ैस
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