शा’इर हिकायतें न सुना वस्ल ओ इश्क़ की,
इतना बड़ा मज़ाक़ न कर शाइरी के साथ.
कैफ़ भोपाली
A sky full of cotton beads like clouds
शा’इर हिकायतें न सुना वस्ल ओ इश्क़ की,
इतना बड़ा मज़ाक़ न कर शाइरी के साथ.
कैफ़ भोपाली
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