‘नज़ीर’ आओ रो लें गले मिल के हम तुम,
ख़ुदा जाने फिर कब मुलाक़ात होगी|
नज़ीर बनारसी
A sky full of cotton beads like clouds
‘नज़ीर’ आओ रो लें गले मिल के हम तुम,
ख़ुदा जाने फिर कब मुलाक़ात होगी|
नज़ीर बनारसी
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