जन्नत ब-निगह तसनीम ब-लब अंदाज़ उस के ऐ शैख़ न पूछ,
मैं जिस से मोहब्बत करता हूँ इंसाँ है ख़याली हूर नहीं|
मजरूह सुल्तानपुरी
A sky full of cotton beads like clouds
जन्नत ब-निगह तसनीम ब-लब अंदाज़ उस के ऐ शैख़ न पूछ,
मैं जिस से मोहब्बत करता हूँ इंसाँ है ख़याली हूर नहीं|
मजरूह सुल्तानपुरी
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