गीतों का बेवपार किया

देश से जब प्रदेश सिधारे हम पर ये भी वक़्त पड़ा,

नज़्में छोड़ी ग़ज़लें छोड़ी गीतों का बेवपार किया|   

जाँ निसार अख़्तर

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